ग्वालियर (मध्यप्रदेश): शहर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। आरोपियों ने बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने और शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाया। एक मामले में महिला से 1.50 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 1.74 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। दोनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला सिरोल थाना क्षेत्र के जाटव मोहल्ला हुरावली का है। यहां रहने वाली 35 वर्षीय कृष्णा पाराशर घर पर सिलाई का काम करती हैं। उनका यूनियन बैंक की पड़ाव शाखा में खाता है। महिला के मुताबिक, एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का फील्ड स्टाफ बताया। उसने कहा कि महिला की बीसीआईडी बनी हुई है और जीएसटी व नॉन-जीएसटी फाइल की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए 10 से 12 हजार रुपये खर्च होंगे।
आरोपी ने अपना नाम दीपक बताया। उसकी बातों में आकर महिला ने फोन-पे के माध्यम से केएम सपना नाम के खाते में दो हजार रुपये भेजे। इसके बाद आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर और पैसे मांगता रहा। महिला के अनुसार, वह कुल 1.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुकी थीं। बाद में आरोपी ने फिर रकम मांगी। महिला ने असमर्थता जताई तो उसने पहले भेजे गए पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और मोबाइल बंद कर लिया। पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की, जिसके आधार पर सिरोल थाने में ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
दूसरा मामला मुरार थाना क्षेत्र के हाथीखाना रोड का है। यहां रहने वाले 42 वर्षीय रामअवतार कुशवाह ने अपने परिचित भगवानदास कुशवाह पर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, भगवानदास ने एक साल में मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया था। इस पर उन्होंने अपने दोस्त गजराज कुशवाह के पंजाब नेशनल बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 1.74 लाख रुपये आरोपी को ट्रांसफर कराए। इसके अलावा अन्य खातों से भी अलग-अलग किस्तों में रकम भेजी गई।
करीब एक साल बाद जब निवेश की रकम और मुनाफा मांगा गया तो आरोपी ने शेयर बाजार में पैसा डूबने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस बैंक खातों और लेनदेन का विवरण जुटाकर दोनों मामलों की जांच कर रही है।







