राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास तीन संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। नौशेरा सेक्टर के रुमलिधारा इलाके में भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए इन ड्रोन को भारतीय सेना के जवानों ने समय रहते पहचान लिया। इसके बाद काउंटर-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया गया, जिसके चलते तीनों ड्रोन वापस पाकिस्तान की दिशा में चले गए।
बताया गया है कि यह घटना सुबह करीब 8:05 बजे हुई। रुमलिधारा इलाके में ड्रोन नजर आने के तुरंत बाद 22 जम्मू-कश्मीर राइफल्स (JAK RIF) के जवानों ने कार्रवाई शुरू की। सेना की तत्काल प्रतिक्रिया के बाद ड्रोन भारतीय क्षेत्र में अधिक देर तक नहीं टिक सके और सीमा पार लौट गए।
घटना के बाद सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि ड्रोन के जरिए किसी तरह के हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामग्री को भारतीय क्षेत्र में नहीं गिराया गया हो।
यह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर में सीमा के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आई है। इससे पहले कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के बोबियन इलाके में भी एक संदिग्ध ड्रोन देखा गया था। ड्रोन के पाकिस्तान की ओर लौटने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी।
सीमा पर ड्रोन के जरिए निगरानी, हथियार या नशीले पदार्थों की संभावित तस्करी और घुसपैठ में मदद की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं। सेना का कहना है कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए जवान पूरी तरह तैयार हैं।
इसी बीच, नॉर्दर्न कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने दक्षिण कश्मीर में सैनिकों की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने जवानों से बातचीत के दौरान बदलती सुरक्षा परिस्थितियों और ऑपरेशनल चुनौतियों के बीच सतर्क, सक्रिय और मिशन के लिए तैयार रहने पर जोर दिया।







