चंद्रपुरा। डीवीसी चंद्रपुरा थर्मल प्लांट में चल रहा मजदूरों का आंदोलन आखिरकार छह दिनों बाद समाप्त हो गया। भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलनरत मजदूर नियमित काम की मांग को लेकर 22 अप्रैल से धरने पर बैठे थे। सोमवार को डुमरी विधायक जयराम महतो की पहल पर प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच करीब चार घंटे चली वार्ता के बाद समाधान निकला। बैठक के दौरान विधायक जयराम महतो का रुख आक्रामक नजर आया। उन्होंने अधिकारियों पर मजदूरों के शोषण का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि किसी भी हाल में श्रमिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वार्ता के बाद विधायक ने प्लांट गेट पर भूख हड़ताल पर बैठे मजदूरों को जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त कराया। इस बैठक में उप श्रमायुक्त (बोकारो) रंजीत कुमार, डीवीसी प्रबंधन की ओर से परियोजना प्रमुख आर.के. अनुभवी, उप महाप्रबंधक नीरज सिन्हा, प्रबंधक आर.के. चौधरी सहित अन्य अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। समझौते के तहत मजदूरों की मुख्य मांग पर सहमति बनी, जिसमें कार्य दिवस को 13 से बढ़ाकर 26 दिन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो सात दिनों के भीतर कार्य की उपलब्धता का आकलन कर इस व्यवस्था को लागू करेगी। साथ ही, भविष्य में नए कार्य मिलने पर वर्तमान मजदूरों को प्राथमिकता देने पर भी सहमति बनी है। बताया गया कि वर्ष 2008 से कार्यरत इन मजदूरों को 2018 के बाद से महीने में केवल 13 दिन ही काम मिल रहा था, जबकि हाल के दिनों में उन्हें पूरी तरह काम से वंचित कर दिया गया था। अब समझौते के बाद मजदूरों में खुशी का माहौल है और उन्हें नियमित रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है।







