
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए उनकी सरकार ने एक मजबूत बुनियाद खड़ी की है और दिशा तय हो चुकी है लेकिन कामों को तजी से निपटाने के लिए ‘हमें अपनी कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव ” लाने करने की जरूरत है।
श्री मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए पिछले 10-12 साल में देश में बुनियादी आर्थिक-सामाजिक ढांचे के तीव्र विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा, ” मैने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे (यह दर्शाना है कि) विकसित भारत 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है।…. पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है यह उस लक्ष्य का हिस्सा है।”
श्री मोदी ने कहा, ” सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर (कार्य संस्कृति) को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। ” मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं…”






