नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
दोनों नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन करते हुए देश की आजादी, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
श्री खरगे ने कहा कि राष्ट्रीय आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को देश विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उन्होंने कहा कि पिछले 79 वर्षों की यात्रा उपलब्धियों, संघर्षों और संकल्पों की यात्रा रही है। देश ने बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन एक राष्ट्र के रूप में अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।
श्री खरगे ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अंग्रेजी हुकूमत से मुक्ति नहीं, बल्कि संविधान से मिला वह भरोसा है, जो प्रत्येक भारतीय को समानता, सम्मान, न्याय और अपनी बात कहने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति और हर नागरिक का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सद्भाव के सामने कई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। युवाओं को अवसर, किसानों को सम्मान और न्याय तथा महिलाओं को समान अधिकार और सशक्त भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संविधान में निहित समानता और न्याय का पूरा अधिकार देने पर जोर दिया।
श्री गांधी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिया गया सिर्फ एक तोहफा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को दिल में रखने तथा हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की है। श्री गांधी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि देशवासी, खासकर युवा, इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं। दोनों नेताओं ने देशवासियों से ऐसी आजादी की रक्षा करने का आह्वान किया, जिसमें हर आवाज को सम्मान, हर सपने को अवसर और हर भारतीय को आगे बढ़ने का समान अधिकार मिले।







