अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि सचिवालय का एक कर्मचारी सतबीर सिंह, अमरजीत सिंह चावला से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले में पंजाब पुलिस के समक्ष पूछताछ के लिए तलब हुआ है। सचिवालय ने इन खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए मीडिया संस्थानों से समाचार प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने की अपील की है।
श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि संबंधित अवधि के दौरान सचिवालय में सतबीर सिंह नाम का कोई कर्मचारी कार्यरत नहीं था। सचिवालय ने कहा कि बिना उचित सत्यापन के ऐसी खबरों का प्रसारण किया जाना गंभीर विषय है और इससे संस्था की छवि प्रभावित हो सकती है।
बयान के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने उन मीडिया चैनलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिन पर सरकार के इशारे पर इस तरह की खबरें प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया गया है। सचिवालय ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले से जुड़ी जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की जांच करना आवश्यक है।
सचिवालय ने मीडिया संस्थानों से जिम्मेदार पत्रकारिता का पालन करने और संबंधित पक्षों से जानकारी की पुष्टि करने की अपील की। उसने कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था से संबंधित गंभीर आरोपों वाली खबरों में तथ्यों की सही जानकारी सामने रखना बेहद जरूरी है।
श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित मामले में जिस सतबीर सिंह का उल्लेख मीडिया रिपोर्टों में किया गया, वह सचिवालय का कर्मचारी नहीं है। सचिवालय ने गलत या अपुष्ट जानकारी के प्रसारण को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी खबरों को प्रसारित करने से पहले आवश्यक सत्यापन किया जाना चाहिए।
इस मामले को लेकर सचिवालय के बयान के बाद मीडिया रिपोर्टों में किए गए दावों पर स्थिति स्पष्ट हुई है। सचिवालय ने दोहराया कि समाचारों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तथ्यों की पुष्टि और संबंधित पक्ष का पक्ष जानना जरूरी है।







