रूस-भारत संबंधों ने हासिल किया रणनीतिक साझेदारी का नया मुकाम
Russia-India relations have reached a new milestone in strategic partnership.

मास्को। रूस ने भारत के साथ अपने संबंधों को “विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक पहुंचने वाला बताया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना और भरोसेमंद संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत रूस का पुराना और विश्वसनीय साझेदार है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि 3 अक्टूबर 2000 को रूस और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और अब यह संबंध विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के उच्च स्तर तक पहुंच चुका है।

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मंत्रालय के अनुसार, इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। यह यात्रा 2 से 5 अक्टूबर 2000 के बीच हुई थी।

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और रूस के बीच दशकों से आपसी विश्वास, मित्रता और सहयोग पर आधारित संबंध रहे हैं। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोकतंत्रीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हैं और विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं।

बयान के मुताबिक, जी20, संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रूस और भारत के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देश वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करते रहे हैं।

मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में नयी दिल्ली में हुई रूस-भारत वार्ता के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। पुतिन ने उस समय कहा था कि रूस और भारत स्वतंत्र तथा स्वायत्त विदेश नीतियों का पालन करते हैं।

रूस के इस बयान से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों की मजबूती एक बार फिर सामने आई है।