भुवनेश्वर : ओडिशा के संबलपुर जिले में रिश्वतखोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए एक पुलिस उपनिरीक्षक (SI) ने तालाब में छलांग लगा दी। हालांकि, सतर्कता विभाग की टीम ने फिल्मी अंदाज में उसका पीछा करते हुए तालाब में कूदकर उसे पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है। इसके अलावा उसके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान नकदी भी जब्त की गई है।
आरोपी की पहचान सुजीत कुमार महंता के रूप में हुई है, जो संबलपुर जिले के महुलपाली पुलिस थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। आरोप है कि वह शिकायतकर्ता के खिलाफ थाने में दर्ज एक मामले को निपटाने के बदले दस हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को बुधवार को थाने के बाहर एक सुनसान स्थान पर पैसे देने के लिए बुलाया था। इसी दौरान सतर्कता विभाग की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही महंता को टीम की मौजूदगी का आभास हुआ, वह रिश्वत की रकम लेकर मौके से भागने लगा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पास के तालाब में छलांग लगा दी।
हालांकि, सतर्कता टीम के एक अधिकारी ने भी बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी और पीछा करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से रिश्वत के पूरे दस हजार रुपये बरामद किए गए। मौके पर मौजूद गवाहों की उपस्थिति में रकम जब्त की गई। इसके साथ ही आरोपी के दाहिने हाथ का रासायनिक परीक्षण कराया गया, जिसमें रिश्वत की रकम छूने की पुष्टि हुई।
कार्रवाई के बाद सतर्कता विभाग की टीम ने आरोपी के पुलिस थाने के पास स्थित कमरे, कार्यालय और राउरकेला के बांदामुंडा में उसके पिता के सरकारी आवास पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान उसके कमरे से 1 लाख 55 हजार 700 रुपये नकद बरामद हुए।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि सुजीत कुमार महंता वर्ष 2021 में पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुआ था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।







