श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़िता के बैंक खाते से निकाली गई पूरी 9.5 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली है। इस मामले में हरियाणा की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि धोखाधड़ी के दो मुख्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला कुलगाम जिले के काजीगुंड पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 318(4) के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जांच शुरू की थी।
ATM पर कार्ड बदलकर की धोखाधड़ी
मामले की शिकायत कुलगाम जिले के पाटी अखरान निवासी मुनीरा रेशी ने मीर बाजार पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मीर बाजार स्थित एक एटीएम पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से अनधिकृत तरीके से कुल 9.5 लाख रुपये निकाल लिए गए।
हरियाणा के दो आरोपी फरार
जांच के दौरान पुलिस ने दो मुख्य संदिग्धों की पहचान हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला स्थित केसां कॉलोनी, वार्ड नंबर 12 निवासी विनेंदर सिंह उर्फ शीनू और हांसी निवासी मुकेश सिंह के रूप में की।
पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में हरियाणा पहुंची, लेकिन दोनों अपने-अपने घरों से गायब मिले। उनके आवास बंद पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी।
आरोपियों की रिश्तेदार महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों से पारिवारिक संबंध रखने वाली दो महिलाओं के पास से धोखाधड़ी की पूरी रकम बरामद की। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान हिसार जिले के डाटा गुराना निवासी शांति देवी और सोरखी निवासी राजपति देवी के रूप में हुई है। शांति देवी मुख्य आरोपी विनेंदर सिंह की मामी हैं, जबकि राजपति देवी मुकेश सिंह की मौसी बताई गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं को कथित तौर पर अपराध से प्राप्त रकम हासिल करने में भूमिका के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, उनकी संलिप्तता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
कुलगाम पुलिस मामले की पूरी कड़ी का पता लगाने और सभी संबंधित लोगों की भूमिका निर्धारित करने में जुटी है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि विनेंदर सिंह उर्फ शीनू और मुकेश सिंह के ठिकाने के बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी मिलने पर अधिकारियों को सूचित करें।







