तिरुवनंतपुरम में फ्रांसीसी संगीत प्रस्तुति का समापन, संगीत और चित्रकला का दिखेगा संगम
French musical performance concludes in Thiruvananthapuram; a fusion of music and painting to be showcased

तिरुवनंतपुरम। फ्रांस और भारत के नवाचार वर्ष 2026 के तहत आयोजित फ्रांसीसी सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘ले वॉयाज दे रेजे’ अपने भारतीय दौरे का समापन तिरुवनंतपुरम में करेगी। इस विशेष कार्यक्रम में लाइव संगीत, चित्रकला और कहानी कहने की कला को एक साथ पेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य दर्शकों को एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना और भारत-फ्रांस के बीच रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देना है।

भारतीय फ्रांसीसी संस्थान ने एलायंस फ्रांसेज नेटवर्क के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। फ्रेंच लाइव प्रदर्शन कला श्रृंखला के अंतर्गत यह प्रस्तुति वायलोपिल्ली संस्कृति भवन में आयोजित की जाएगी। करीब 70 मिनट के इस कार्यक्रम में ‘कॉन्सर्ट देसिने’ शैली का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें संगीतकारों के प्रदर्शन के साथ एक चित्रकार मंच पर लाइव चित्र बनाएगा, जिन्हें वास्तविक समय में स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा।

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कार्यक्रम में रेजे गायन और गिटार संभालेंगे, जबकि सोइफ्रान ताल वाद्य पर संगत करेंगे। एम्दे मंच पर चित्र बनाएंगे और क्रिस्टू उन चित्रों को स्क्रीन पर दिखाएंगे। फ्रेंच और अंग्रेजी भाषाओं में होने वाली यह प्रस्तुति 10 वर्ष और उससे अधिक आयु के दर्शकों के लिए तैयार की गई है।

इस कार्यक्रम की प्रेरणा फ्रांस के ग्रेनोबल में रहने वाले गायक और गिटारवादक रेजे की संगीत यात्रा से जुड़ी है। उन्होंने पश्चिम अफ्रीका के कई देशों में भ्रमण के दौरान संगीत प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद उन्होंने फ्रांस में जैज गिटार का प्रशिक्षण लिया और ब्राजील के साल्वाडोर दा बाहिया में रहकर वहां के संगीत का अध्ययन किया। प्रस्तुति में पारंपरिक, भुलाई जा चुकी और नई कल्पनाओं से रची गई धुनों को शामिल किया गया है। संगीत के साथ बदलते चित्र कहानी को रंगों और काव्यात्मक भावों के माध्यम से आगे बढ़ाते हैं।

इस कार्यक्रम का भारत से भी विशेष जुड़ाव है। भारत यात्रा के दौरान चित्रकार एम्दे ने देश के विभिन्न स्थानों के रेखाचित्र अपनी नोटबुक में बनाए थे। इन्हीं चित्रों से उन्हें मौजूदा भारतीय दौरे के लिए रचनात्मक प्रेरणा मिली।

भारत में फ्रांसीसी संस्थान के निदेशक ग्रेगोर ट्रूमेल के अनुसार, यह प्रस्तुति फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष की भावना के अनुरूप सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोगात्मक रचनात्मकता को प्रदर्शित करती है। संस्थान की ‘फ्रेंच लाइव’ श्रृंखला भारतीय दर्शकों को फ्रांसीसी संगीत, थिएटर और नृत्य से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।