नयी दिल्ली: संसद में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi की अनुपस्थिति को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा सांसद Jagdambika Pal ने 25 मार्च को पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पहले राहुल गांधी की गैरहाजिरी पर सवाल उठाए और उनकी कार्यशैली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई, लेकिन विपक्ष के नेता का उसमें शामिल न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पाल ने राहुल गांधी की संसद में अनियमित उपस्थिति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर संसद भेजा है, लेकिन वे सदन की कार्यवाही में रुचि नहीं दिखाते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे में राहुल गांधी विपक्ष के नेता बनने के योग्य हैं, जब वे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान अनुपस्थित रहते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है और अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। हालिया घटनाओं में Ali Khamenei की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों में इज़राइल और अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने से हालात और जटिल हो गए हैं। इसका असर वैश्विक व्यापार मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में इस संकट को देश के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने खासतौर पर गरीब और प्रवासी वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की अपील की। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।







