
नयी दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीट) का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बुधवार को कहा कि परीक्षा रद्द होने के दो सप्ताह बाद भी नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे करीब छह लाख अभ्यर्थी अनिश्चितता में हैं। पेपर लीक करने वाले खुले घूम रहे हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थी इसकी सज़ा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये वही युवा हैं, जिन्होंने वर्षों तक तैयारी की, आवेदन शुल्क भरा, दूर-दराज़ के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे और अब बिना किसी स्पष्ट जानकारी के केवल इंतज़ार कर रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से तीन तत्काल कदम उठाने की मांग की। पहली, महाराष्ट्र टीट की नई परीक्षा तिथि तुरंत घोषित की जाए। दूसरी, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, न कि अभ्यर्थियों को परेशान किया जाए। तीसरी, पेपर लीक के कारण जिन उम्मीदवारों का एक वर्ष प्रभावित हुआ है, उन्हें आयु सीमा में छूट दी जाए।
श्री गांधी ने कहा कि “गलती संस्था की और सज़ा अभ्यर्थी को, यह न्याय नहीं है।” उन्होंने कहा कि देश के वर्तमान और भावी शिक्षक भारत का भविष्य तैयार करते हैं, इसलिए उनके साथ न्याय होना चाहिए। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि अब समय शिक्षा क्रांति का है, ताकि युवाओं को व्यवस्था की नाकामी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का उचित फल मिल सके।






