Over 1,500 police personnel deployed in Old Hubli over temple water reservoir dispute; prohibitory orders imposed

हुबली: कर्नाटक के पुराने हुबली इलाके में भवानी शंकर मंदिर के पास स्थित पुष्करणी यानी मंदिर के जलाशय को लेकर विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। तनाव की स्थिति को देखते हुए मंदिर के 500 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है। इलाके में 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

विवाद उस स्थान पर बनी सीमेंट-कंक्रीट की सड़क को लेकर है। हिंदू संगठनों ने सड़क हटाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठनों का दावा है कि संबंधित स्थान पारंपरिक रूप से मंदिर की पुष्करणी का हिस्सा रहा है। वहीं, स्थानीय निवासियों की ओर से सड़क हटाने के प्रस्ताव का विरोध किए जाने की बात सामने आई है।

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दोनों पक्षों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए हुबली-धारवाड़ पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत क्षेत्र में बिना अनुमति प्रदर्शन और भीड़ जुटाने पर रोक लगाई गई है।

पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार के अनुसार, इलाके की संवेदनशीलता और घनी आबादी को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, निरीक्षकों और कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (KSRP) के जवानों समेत 1,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमों को भी रणनीतिक स्थानों पर रखा गया है।

पुलिस ने विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें निषेधाज्ञा का पालन करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुराने हुबली में 2022 की हिंसा की पृष्ठभूमि को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और प्रमुख संपर्क मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करने की अपील की है।