नई दिल्ली। बिहार की सियासत में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। शपथ लेने से पहले उन्होंने संसद भवन में राज्यसभा के नेता सदन जेपी नड्डा से मुलाकात की। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार के आज शाम दिल्ली से पटना लौटने की संभावना है। उनके लौटते ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज होने के संकेत हैं। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने जनता दल यू के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शपथ दिलाई।
श्री कुमार ने हिंदी भाषा में शपथ ली। वह राज्यसभा के लिए हाल ही में हुए द्विवार्षिक चुनाव में उच्च सदन के लिए चुने गये थे। इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा , विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद जयराम रमेश, राजीव शुक्ला, संजय कुमार झा, राजीव प्रताप रूडी, राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी और राज्यसभा सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पीएम मोदी ने दी बधाई
इधर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम नीतीश कुमार को बधाई दिया है। नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नीतीश कुमार को बधाई दिया है। उन्होंने लिखा है कि नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभव नेता में से एक है। सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है। आगे लिखा है कि उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है। उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा। पीएम मोदी ने आगे लिखा है कि संसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से संसद की गरिमा और बढ़ेगी। राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर उन्हें हार्दिक बधाई और आगे के कार्यकाल के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं







