
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले सियासी माहौल तेज़ी से गर्म होता नजर आ रहा है। ईद-उल-फितर के अवसर पर ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड से बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। हजारों लोगों की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी नागरिक के मतदान के अधिकार को छीना नहीं जाने दिया जाएगा और उनकी पार्टी इसके खिलाफ अंत तक संघर्ष करेगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, खासकर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में। ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर जनता के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने बंगाल की सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और यहां नफरत की राजनीति को कोई जगह नहीं दी जाएगी। उनका यह बयान चुनावी रणनीति के साथ-साथ सामाजिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
इस दौरान अभिषेक बनर्जी ने भी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि असल खतरा किसी एक समुदाय को नहीं, बल्कि पूरे देश को है, और इसे समझने की जरूरत है।
ईद के मंच से दिए गए इन बयानों को आगामी चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जो राज्य की राजनीति में नए विमर्श को जन्म दे सकते हैं।






