नयी दिल्ली: देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को लेकर आज राष्ट्रीय परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) की अहम बैठक आयोजित की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का आयोजन दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में किया गया है। बैठक का मुख्य विषय “2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया है, जिसके तहत देश के सर्वांगीण विकास और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और उपराज्यपाल हिस्सा ले रहे हैं। बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विकास की ऐसी रणनीति तैयार करना है, जिससे देश के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
नीति आयोग की इस बैठक में राज्यों को अपने-अपने अनुभव, चुनौतियां और सुझाव रखने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से केंद्र सरकार राज्यों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों की भागीदारी और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक के दौरान मानव संसाधन विकास, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सतत विकास जैसे मुद्दों पर भी मंथन होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस मंच से प्राप्त सुझाव आगामी वर्षों में देश की नीतियों और विकास कार्यक्रमों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग की यह बैठक देश के भविष्य के विकास रोडमैप को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।







