कासगंज, उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार को शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई। चहका गुनार गांव में शोभायात्रा का रास्ता रोके जाने के बाद उपद्रवियों ने पुलिस पर करीब डेढ़ घंटे तक पथराव किया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और कई थानों की फोर्स तैनात की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।जानकारी के अनुसार, शोभायात्रा मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे शुरू हुई थी। करीब 3:30 बजे जब जुलूस गांव की एक गली में पहुंचा, तब कुछ लोगों ने ट्रैक्टर, थ्रेशर और अन्य वाहन खड़े कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों ने पहले से ही छतों पर ईंट-पत्थर जमा कर रखे थे। जैसे ही पुलिस ने रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, छतों से पथराव शुरू हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक लगातार पथराव होता रहा। शाम करीब 6:10 बजे पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। कई लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद शाम करीब 7 बजे अधिकारियों की निगरानी में शोभायात्रा को दोबारा उसी मार्ग से निकाला गया। पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है। उपद्रवियों ने जानबूझकर मार्ग अवरुद्ध किया और पुलिस पर हमला किया। घटना के पीछे की मंशा और संभावित राजनीतिक कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज के आधार पर सभी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।







