कुशीनगर। जिले के मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज के 20 बेड वाले गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में जल्द दो नए वेंटिलेटर लगाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक टेंडर और अन्य कागजी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी चल रही है। नए वेंटिलेटर शुरू होने के बाद आईसीयू में इनकी संख्या बढ़कर चार हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज की नई इमारत की तीसरी मंजिल पर 20 बेड का आईसीयू संचालित है। यहां गंभीर और अति गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। वर्तमान में आईसीयू में दो वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। ऐसे में जब एक साथ दो से अधिक अति गंभीर मरीज पहुंचते हैं तो अतिरिक्त मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करना पड़ता है। दो नए वेंटिलेटर उपलब्ध होने से इस स्थिति में मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, 20 बेड वाले आईसीयू के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार कम से कम 10 वेंटिलेटर की जरूरत बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में वेंटिलेटर की संख्या और बढ़ाई जाएगी, ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में एसआईसीयू और आईसीसीयू के माध्यम से गंभीर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। हाल में गंभीर हालत में 19 मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया। इनमें से चार मरीजों की स्थिति अधिक गंभीर होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केपी गोड़ ने बताया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईसीयू में वर्तमान में दो वेंटिलेटर सक्रिय हैं और जल्द ही दो नए वेंटिलेटर लगाए जाएंगे। इनके संचालन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।
सीएमएस दिलीप कुमार ने बताया कि नए वेंटिलेटर उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज करने में सुविधा होगी। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।







