
बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में खेत की फसल बचाने के लिए चारों ओर बिजली का करंट प्रवाहित कर जंगली सूअर का शिकार करने के मामले में अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को छह महीने के कारावास के साथ पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला करीब चार साल पुराना है। वन विभाग के अनुसार 17 अप्रैल 2022 को सारणी थाना क्षेत्र के धसेड़ गांव में एक किसान ने अपने खेत के चारों ओर बिजली का करंट प्रवाहित कर रखा था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से एक जंगली सूअर की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत जंगली सूअर का पंचनामा तैयार कर शव को जब्त किया। जांच और पूछताछ में खेत के चारों ओर करंट प्रवाहित किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में परिवाद पत्र पेश किया गया।
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और वन विभाग की जांच के आधार पर अदालत ने आरोपी को जंगली सूअर के अवैध शिकार का दोषी माना और छह महीने की जेल तथा पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
वन विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि फसल की सुरक्षा के लिए खेतों में खुले बिजली के तारों में करंट प्रवाहित करना वन्यजीवों के लिए जानलेवा हो सकता है। ऐसे मामलों में वन्यजीव की मौत होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।






