लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी के बाद अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। खासकर नेपाल सीमा से लगे इलाकों में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बहराइच, बलरामपुर, बिजनौर, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मुरादाबाद, सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती तथा आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं आगरा, अमरोहा, बरेली, बाराबंकी, देवरिया, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, मेरठ, पीलीभीत, शाहजहांपुर और सीतापुर समेत करीब 30 जिलों में येलो अलर्ट है।
बरेली में 141 मिमी से अधिक बारिश
रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। बरेली वेधशाला में सुबह 8:30 बजे से रात 8:30 बजे तक 12 घंटे के दौरान 141.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 24 घंटे में बिजनौर में 134 मिमी, मुरादाबाद के सीडब्ल्यूसी में 114.2 मिमी, अमरोहा के सादात में 88 मिमी और हमीरपुर के राठ में 68 मिमी बारिश दर्ज हुई।
राजधानी लखनऊ में भी रविवार को 5.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
24 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने के बावजूद कई जिलों में बारिश की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 24 जिलों में बारिश की कमी या बड़ी कमी दर्ज की गई है। वहीं 34 जिलों में बारिश सामान्य रही, जबकि 17 जिलों में सामान्य से अधिक या बहुत अधिक बारिश हुई।
घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर
नेपाल में हुई भारी बारिश और वहां से छोड़े गए पानी के कारण बहराइच में घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। रविवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इसके चलते महसी तहसील के नदी किनारे बसे कई गांव प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।








