लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 22 जून को भीषण अग्निकांड का केंद्र बनी चार मंजिला इमारत को शनिवार सुबह प्रशासन ने ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
हादसे के 32 दिन बाद शुरू हुई इस कार्रवाई के लिए सुबह करीब 7:30 बजे तीन बुलडोजर मौके पर पहुंचे और भवन को ध्वस्त करने का काम शुरू किया गया। इस दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। आसपास की सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है और केवल प्रशासनिक व बचाव दलों को ही मौके पर जाने की अनुमति दी जा रही है।
गौरतलब है कि 22 जून को अलीगंज स्थित इस चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत उसकी चपेट में आ गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
अग्निकांड ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए थे और पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। हादसे के बाद इमारत की संरचनात्मक मजबूती पर सवाल उठे थे। विशेषज्ञों की जांच में भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद प्रशासन ने इसे ध्वस्त करने का निर्णय लिया।
प्रशासन का कहना है कि इमारत गिराने की प्रक्रिया पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि आसपास की इमारतों और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। पूरे अभियान पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं।







