
वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास के दौरान विशेष सुविधा (प्रोटोकॉल) दर्शन व्यवस्था स्थगित रहेगी। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। इस अवधि में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आने की संभावना है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि होने का अनुमान है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण ने बताया कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए औसतन छह से सात घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में यदि विशेष सुविधा (प्रोटोकॉल) दर्शन जारी रखा जाता है तो सामान्य श्रद्धालुओं को असुविधा होगी। इसे देखते हुए पूरे श्रावण मास में विशेष सुविधा (प्रोटोकॉल) दर्शन व्यवस्था पूर्णतः स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मंदिर न्यास ने वर्ष 2024 में काशीवासियों की सुविधा के लिए मंदिर के द्वार संख्या 4-बी को “काशी द्वार” के रूप में चिन्हित किया था। पहले इस द्वार से प्रतिदिन प्रातः 4:00 बजे से 5:00 बजे तक तथा सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक विशेष दर्शन की व्यवस्था थी। अब इस सुविधा का विस्तार करते हुए काशीवासियों के लिए प्रातः 4:15 बजे से रात्रि 10:45 बजे तक, अर्थात मंदिर खुलने के 15 मिनट बाद से मंदिर बंद होने के 15 मिनट पहले तक, इसी द्वार से प्रवेश की व्यवस्था कर दी गई है। हालांकि यह सुविधा विशेष तिथियों एवं पर्वों पर लागू नहीं होगी।
मंदिर प्रशासन के अनुसार विस्तारित व्यवस्था के पहले दिन 8 जुलाई, 2026 को 8,688 काशीवासी श्रद्धालुओं ने इस सुविधा का लाभ उठाकर बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। वहीं 9 जुलाई, 2026 को अपराह्न 1:30 बजे तक 5,196 काशीवासी श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर चुके थे। मंदिर न्यास ने कहा कि काशीवासियों और अन्य श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित तथा व्यवस्थित दर्शन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।






