
मुंबई: महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( शरद पवार ) के विधायक रोहित पवार ने सत्ताधारी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि ‘ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूची में हेरफेर करने और विपक्ष के मतदाताओं के नाम हटाने के लिए एक खास ‘मोबाइल ऐप’ का व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। श्री पवार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भाजपा कार्यकर्ता राजनीतिक झुकाव के आधार पर मतदाताओं की प्रोफ़ाइल बनाने के लिए एक खास ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जहाँ भाजपा समर्थकों के मामले में ज़रूरी दस्तावेज़ों की कमी को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, वहीं जो लोग समर्थक नहीं हैं, उनके नाम मतदाता सूची से व्यवस्थित तरीके से हटा दिए जाते हैं।
श्री पवार ने चेतावनी दी कि पूरे महाराष्ट्र में 25 लाख तक मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस विज़न को पूरा करने की सोची-समझी चाल है, जिसके तहत 2029 तक गठबंधन की “बैसाखियों” की ज़रूरत को खत्म करना है; असल में यह भाजपा के अपने सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। मुख्यमंत्री को बहुत ज़्यादा अधिकार देने वाले नए नियमों की आलोचना करते हुए श्री पवार ने सवाल उठाया कि शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी जैसे सहयोगी दल कब तक खुद को दरकिनार किए जाने को बर्दाश्त करेंगे। चुनावी मुद्दों से आगे बढ़ते हुए श्री पवार ने एमपीएससी पेपर लीक मामले में सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की और वर्ली में 27,000 वर्ग मीटर के आरक्षित प्लॉट को एक डेवलपर को सौंपने से जुड़े बड़े विवाद की ओर इशारा करते हुए तुरंत पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।






