बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सोयाबीन की फसल पर अज्ञात बीमारी के प्रकोप से किसानों की चिंता बढ़ गई है। चिचोली तहसील के जोगली गांव और आसपास के क्षेत्रों में खेतों में खड़ी सोयाबीन की हरी फसल अचानक पीली पड़ने के बाद सूख रही है। किसानों का कहना है कि बीमारी तेजी से फैल रही है, जिससे उत्पादन पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
फसल खराब होने की चिंता के बीच जोगली के किसान मंगलवार को तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार श्याम सिंह उईके तथा कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रभावित खेतों का तत्काल निरीक्षण कर सर्वे कराने और नुकसान का आकलन करने की मांग की।
बीमारी की जांच और रोकथाम की मांग
किसानों के मुताबिक, शुरुआत में पौधे पूरी तरह सामान्य दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उनमें अचानक पीलापन आने लगता है। इसके बाद पौधे कमजोर होकर सूखने लगते हैं। खेतों में लगातार बढ़ रहे पीले पौधों को देखकर किसान फसल को लेकर चिंतित हैं।
किसानों ने कृषि विभाग से विशेषज्ञों की टीम भेजकर खेतों की जांच कराने और बीमारी के कारणों का पता लगाने की मांग की है। साथ ही फसल को बचाने के लिए आवश्यक दवा और उपचार की जानकारी जल्द उपलब्ध कराने की अपील की है।
मुआवजा और फसल बीमा की मांग
किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा व फसल बीमा की राशि दिलाने की मांग की है।
किसानों रामदयाल गंगारे, सुमन गंगारे, पूरनलाल मालवी, परसराम गावंडे, किसनू गंगारे, ललित गाड़गे, चंद्रप्रता गंगारे और बालाराम रावते ने बताया कि किसान पहले से खाद की उपलब्धता सहित कई कृषि संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सोयाबीन की फसल में बीमारी फैलने से उनकी आर्थिक चिंता और बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने बीज, खाद, दवा और मजदूरी पर बड़ी रकम खर्च की है। यदि समय रहते बीमारी की पहचान कर नियंत्रण नहीं किया गया तो फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से जल्द अधिकारियों की टीम भेजकर खेतों का निरीक्षण कराने और बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।







