
भिण्ड: मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश से गेहूं लाकर जिले की सहकारी समितियों में फर्जी पंजीयन के जरिए समर्थन मूल्य पर खरीदी कराई गई, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का कथित नुकसान हुआ। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भिण्ड के रिंग रोड स्थित टिकसरा में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से लाया गया गेहूं भिण्ड जिले के किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर बेचा गया। उनका आरोप है कि फर्जी पंजीयन के माध्यम से खरीदी कर वास्तविक किसानों के अधिकारों का हनन किया गया और शासन को करोड़ों रुपये की कथित आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
उन्होंने कहा कि इतना बड़ा कथित घोटाला प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है। उनके अनुसार कुछ अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में काम किया, जिसके कारण अब तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने भिण्ड कलेक्टर से मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति चाहे किसी भी पद पर हों, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि समर्थन मूल्य व्यवस्था किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है।
यदि इसमें अनियमितताएं होती हैं तो सबसे अधिक नुकसान वास्तविक किसानों को उठाना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी इस तरह की कथित अनियमितताओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र जांच पूरी कर तथ्य सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।






