A student questioned the principal's shadow, and the teacher shared a letter on social media, teaching accountability.

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा स्थित एक सरकारी विद्यालय में नौवीं कक्षा की छात्रा ने पत्र लिखकर प्रधानाध्यापक की कार्यशैली पर सवाल उठाया है।
छात्रा के इस पत्र को उसके शिक्षक ने ही सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद यह वायरल हो गया। शिक्षक ने छात्रा की बेबाकी की तारीफ करते हुए कहा कि यह सवाल भले ही असहज करने वाला था, लेकिन इसके शब्द बेहद सम्मानजनक थे और यह बच्चों में तार्किक सोच एवं जवाबदेही को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन उदाहरण है।
यह मामला बांदीपोरा के पीएम श्री राजकीय माध्यमिक विद्यालय लहरवालपोरा का है। छात्रा ने अपनी पहचान गुप्त रखते हुए कश्मीरी भाषा में एक पत्र लिखकर विद्यालय की शिकायत पेटी में डाला था।


पत्र में उसने पूछा था कि जब सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान सभी शिक्षकों को धूप में खड़ा रहना पड़ता है, तो संस्था प्रमुख खुद छांव में क्यों रहते हैं।
स्कूल के प्रधानाचार्य और पुरस्कार विजेता शिक्षक जावेद जवाद ने इस पत्र पर बुरा मानने के बजाय इसे सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह घटना दिखाती है कि जब छात्र बिना किसी डर के अधिकारियों से सवाल पूछते हैं और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग विनम्रता से उनकी बात सुनते हैं, तो शैक्षणिक संस्थान और मजबूत होते हैं।
सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के बाद इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईयूएसटी) के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) मुश्ताक सिद्दीकी ने विद्यालय का दौरा किया। ऑनलाइन पत्र पढ़कर प्रभावित हुए एक बैंकर ने 1,100 रुपये का नकद पुरस्कार भेजा, जिसे प्रो सिद्दीकी ने प्रधानाध्यापक की मौजूदगी में छात्रा को सौंपा।
श्री जवाद ने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक बच्चे के सवाल पूछने के साहस का सम्मान और दूसरों के लिए प्रेरणा है।

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