नयी दिल्ली: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही सालाना आधार पर हवाई सफर 32 प्रतिशत महंगा हुआ है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के आंकड़े जारी किये। इसमें सात सेवाओं के मूल्य सूचकांक जारी किये जाते हैं। पश्चिम एशिया संकट के कारण फरवरी के बाद से विमान सेवा कंपनियों ने हवाई किराये में बढ़ोतरी की थी। इसका सीधा असर हवाई सेवा मूल्य सूचकांक पर दिख रहा है। इस सूचकांक में सबसे बड़ा घटक हवाई किराया ही है। विमान सेवा कंपनियों ने विमान ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का हवाला देते हुए किराये में वृद्धि की है।
हवाई (यात्री) सेवा मूल्य सूचकांक 126.4 दर्ज किया गया जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 31.94 प्रतिशत अधिक है। बैंकिंग सेवा योगदान सूचकांक में 6.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। हालांकि बैंकिंग सेवा मूल्य सूचकांक में 3.35 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी जिसका मतलब है कि बैंकिंग सेवाएं सस्ती हुई हैं।
पेंशन फंड सेवा मूल्य सूचकांक 5.20 प्रतिशत बढ़ गया यानी ये सेवाएं सस्ती हुई हैं। रेलवे की यात्री सेवाएं एक साल में 3.50 प्रतिशत और माल परिवहन सेवाएं 0.10 प्रतिशत महंगी हुईं।’







