नयी दिल्ली: डाक विभाग ने अपने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक पुनर्गठन का आदेश जारी किया है। इसके तहत सभी पोस्टल सर्किल, क्षेत्रीय कार्यालय, डाक मंडल और रेलवे मेल सर्विस (आरएमएस) मंडलों की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
विभाग ने सभी पोस्टल सर्किलों को 30 सितंबर तक नया प्रशासनिक ढांचा लागू करने और 5 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। पुनर्गठन का उद्देश्य विभिन्न स्तरों पर काम के बोझ और जिम्मेदारियों में संतुलन स्थापित करना है।
नए ढांचे के तहत सर्किल कार्यालयों में सहायक पोस्टमास्टर जनरल (APMG) और सहायक निदेशकों समेत समूह अधिकारियों को समान प्रभार दिए जाएंगे। यह व्यवस्था डाक महानिदेशालय के ढांचे के अनुरूप होगी, जिससे समन्वय और नीतियों के तेजी से क्रियान्वयन में मदद मिलने की उम्मीद है।
डाक मंडल कार्यालयों के लिए दो आईपी/एएसपी और तीन आईपी/एएसपी मॉडल तैयार किए गए हैं। ग्रामीण और छोटे मंडलों में दो अधिकारियों का मॉडल लागू होगा, जबकि बड़े, शहरी और लॉजिस्टिक्स केंद्रित मंडलों में तीन अधिकारियों की व्यवस्था की जाएगी।
विभाग ने अनावश्यक अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती से बचने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार महत्वपूर्ण शाखाओं की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मंडल कार्यालयों में तैनात किया जा सकेगा।
पुनर्गठन में रेलवे मेल सर्विस नेटवर्क को भी शामिल किया गया है। आरएमएस मंडलों में मेल और पार्सल प्रसंस्करण में लगने वाला समय कम करने तथा निगरानी मजबूत करने के लिए इंस्पेक्टरों और सहायक अधीक्षकों की तैनाती का ढांचा तय किया गया है।
क्षेत्रीय कार्यालयों में भी समान संगठनात्मक ढांचा लागू किया जाएगा। क्षेत्र प्रमुख परिचालन जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती कर सकेंगे। डाक सचिव की मंजूरी के बाद उप महानिदेशक (स्थापना) दुष्यंत मुद्गल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।







