Jaishankar said – major changes in the global order, increasing risks and opportunities

नयी दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता मौजूदा वैश्विक परिदृश्य की प्रमुख विशेषताएं बन गई हैं।

BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भू-राजनीतिक संघर्षों, महामारियों और जलवायु संबंधी चुनौतियों के आर्थिक प्रभाव सामने आ रहे हैं। वहीं, तेजी से हो रहे डिजिटलाइजेशन और तकनीकी प्रगति ने विकास, उत्पादकता और आर्थिक वृद्धि के नए अवसर भी पैदा किए हैं।

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विदेश मंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में जोखिम और अवसर दोनों का दायरा बढ़ रहा है। ऐसे में परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाने, उनके अनुसार खुद को ढालने और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

जयशंकर ने BRICS देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि कारोबार के लिए नए साझेदार तलाशना, बाजारों तक पहुंच बढ़ाना और सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों और आर्थिक सुरक्षा में बढ़ोतरी से BRICS देशों की आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।

उन्होंने भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स, पारदर्शी व्यापार एवं निवेश व्यवस्था, बेहतर कारोबारी माहौल और मजबूत ऊर्जा प्रणालियों की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा संक्रमण के रास्ते तैयार किए जाने चाहिए।

BRICS बिजनेस फोरम में व्यापार, निवेश, वित्त, डिजिटल अर्थव्यवस्था, MSME, तकनीकी सहयोग और सतत आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। फोरम की सिफारिशें BRICS की आर्थिक प्राथमिकताओं और आगे की नीतियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

BRICS शिखर सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम 12 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। भारत की अध्यक्षता में व्यापार, डिजिटल तकनीक, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शासन में सुधार जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।