US Army Secretary Daniel Driscoll resigns, citing differences with Defense Secretary Hegseth.

वॉशिंगटन: अमेरिका के सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि व्हाइट हाउस ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया है या नहीं।

व्हाइट हाउस की ओर से ड्रिस्कॉल के कार्यकाल की सराहना की गई है। एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना की तैयारियों को मजबूत करने के साथ-साथ रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से चल रही बातचीत में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, अमेरिकी सेना ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ड्रिस्कॉल और रक्षा मंत्री हेगसेथ के बीच प्रमुख मतभेद सेना के आधुनिकीकरण की रणनीति को लेकर थे। ड्रिस्कॉल कम लागत वाले और तेजी से विकसित किए जा सकने वाले हथियारों को प्राथमिकता देने के पक्षधर थे। इसके अलावा, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाने के हेगसेथ के फैसलों को लेकर भी दोनों के बीच मतभेद सामने आए थे।

ड्रिस्कॉल अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के लॉ स्कूल के सहपाठी रह चुके हैं। हेगसेथ के कार्यकाल में पद छोड़ने वाले वह सबसे नए वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हैं।

अमेरिकी सेना में हाल के महीनों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अप्रैल में रैंडी जॉर्ज को आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ के पद से हटाया गया था। जून में जनरल क्रिस्टोफर डोनाह्यू ने अमेरिकी सेना यूरोप और अफ्रीका के कमांडर का पद अचानक छोड़ दिया था। वहीं, नौसेना सचिव जॉन फेलन ने भी अप्रैल में इस्तीफा दिया था। वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पद छोड़ने वाले अमेरिकी सैन्य सेवा के पहले प्रमुख थे।

ड्रिस्कॉल को फरवरी 2025 में सेना सचिव के पद पर मंजूरी मिली थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने हथियारों की खरीद प्रक्रिया को अधिक किफायती और तेज बनाने की वकालत की तथा बड़े रक्षा ठेकेदारों की सार्वजनिक रूप से आलोचना भी की।

रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए हुई बातचीत में उनकी भागीदारी ने उन्हें एक असामान्य कूटनीतिक भूमिका भी दिलाई। इससे पहले ड्रिस्कॉल इराक में सैन्य सेवा दे चुके हैं। उन्होंने 2020 में कांग्रेस का चुनाव लड़ने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में डोनाल्ड ट्रंप को सलाह दी थी।