
वॉशिंगटन। न्यूयॉर्क में संघीय अभियोजन अधिकारी वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के खिलाफ अमेरिकी हिरासत में रखे गए नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़े नए आरोप लगाने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इन आरोपों की घोषणा गुरुवार को किए जाने की संभावना है। मादुरो दंपती के इसी मामले में अदालत में पेश होने की भी संभावना जताई गई है।
यह मामला उन एक दर्जन से अधिक अमेरिकी नागरिकों से जुड़ा है, जिन्हें मादुरो के शासनकाल के दौरान वेनेजुएला में गिरफ्तार कर जेल में रखा गया था। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने अमेरिकी कैदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार में भूमिका के लिए कई अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोप लगाने पर चर्चा की है।
मादुरो और फ्लोरेस को अमेरिकी अधिकारियों ने काराकस स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया था। दोनों पर पहले से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मादुरो ने अपने पद का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले लोगों को संरक्षण देने के लिए किया। मादुरो ने मादक पदार्थ आतंकवाद की साजिश और अन्य आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है।
फ्लोरेस के वकील ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए अमेरिकी जिला अदालत से उन्हें जमानत देने का अनुरोध करने की तैयारी की है। वहीं, मादुरो के वकील ने उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कथित घटनाएं उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान हुई थीं और ऐसे मामलों में उन्हें छूट मिलनी चाहिए। हालांकि, वेनेजुएला सरकार की ओर से उनकी ओर से ऐसी छूट का दावा नहीं किया जा रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से मादुरो सरकार पर अमेरिकी नागरिकों को राजनीतिक सौदेबाजी के लिए हिरासत में रखने के आरोप लगाए हैं। पूर्व कैदियों ने भी कथित यातना और कठोर परिस्थितियों का उल्लेख किया है। मैथ्यू हीथ और उस्मान खान ने एक मुकदमे में जेल में बिजली के झटके, यौन उत्पीड़न की धमकियों, कथित तौर पर दिमाग पर असर डालने वाली दवाएं देने और लंबे समय तक एकांत कारावास में रखे जाने के आरोप लगाए थे। वहीं, ‘सिटगो6’ के नाम से चर्चित छह अमेरिकी तेल अधिकारियों ने भी वेनेजुएला में करीब पांच साल की हिरासत के दौरान कठिन परिस्थितियों का जिक्र किया है।






