उत्तर कोरिया ने दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें, कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा
North Korea fires multiple ballistic missiles; tension rises on the Korean Peninsula.

उत्तर कोरिया: उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, मिसाइलों का प्रक्षेपण राजधानी प्योंगयांग के आसपास के क्षेत्र से किया गया। इस घटनाक्रम से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका है। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर कोरिया लगातार अपने सैन्य परीक्षणों और हथियारों के प्रदर्शन में तेजी ला रहा है।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी दी, लेकिन शुरुआती बयान में मिसाइलों की सटीक संख्या और उनकी उड़ान दूरी का विवरण नहीं दिया गया। जापान के रक्षा मंत्रालय ने कम से कम दो मिसाइलों का पता लगाने की बात कही। जापानी अधिकारियों के अनुसार, मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में गिरीं।

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हाइपरसोनिक हथियारों पर बढ़ रहा जोर

उत्तर कोरिया का यह कदम दक्षिण कोरिया के अपने हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण के कुछ दिनों बाद सामने आया है। दक्षिण कोरिया ने इस परीक्षण को अपनी पारंपरिक रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में अहम बताया था। हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से कम से कम पांच गुना तेज चलने में सक्षम होती हैं और उनकी गति तथा उड़ान पथ के कारण उन्हें रोकना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उत्तर कोरिया भी अपनी मिसाइल क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रहा है। इसमें परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम प्रणालियों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र में हथियारों की प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं।

उत्तर कोरिया ने इससे पहले मध्यम दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल के परीक्षण का दावा भी किया था। प्योंगयांग का कहना है कि उसकी विकसित की जा रही प्रणालियां विरोधी देशों की मिसाइल रक्षा व्यवस्था को चुनौती दे सकती हैं।

कूटनीतिक बातचीत लंबे समय से ठप

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के प्रति सख्त रुख अपनाया हुआ है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद और सहयोग की गतिविधियां लंबे समय से ठप हैं। वहीं, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ व्यापक बातचीत भी आगे नहीं बढ़ पाई है।

लगातार हो रहे मिसाइल परीक्षणों के बीच दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में वृद्धि से तनाव कम करने के कूटनीतिक प्रयास और कठिन हो सकते हैं। फिलहाल, ताजा प्रक्षेपण से संबंधित तकनीकी विवरण और उत्तर कोरिया की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।