भारत दौरे पर वाशिंगटन के सात शहरों के मेयर, साझेदारी मजबूत करने पर जोर
Mayors from seven Washington cities visit India; emphasis on strengthening partnerships.

नयी दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच स्थानीय स्तर पर सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के सात शहरों के मेयरों का 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है। वाशिंगटन की सीनेटर टीना ओरवॉल के नेतृत्व में आया यह प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली, भुवनेश्वर और मुंबई का दौरा करेगा। इसे वाशिंगटन राज्य के मेयरों के पहले प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा बताया जा रहा है।

सिएटल स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती देगी। दूतावास के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल भारत के विभिन्न शहरों का दौरा कर आपसी संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाएगा।

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सात शहरों के प्रतिनिधि शामिल

प्रतिनिधिमंडल में केंट की मेयर डाना राल्फ, टुकविला के मेयर थॉमस मैकलियोड, इसाक्वा के मेयर मार्क मुललेट, मुकिल्टियो के जोसेफ मरीन, ड्यूपॉन्ट के रोनाल्ड जे. फ्रेडरिक, यूनिवर्सिटी प्लेस के स्टेनली एल. के. फ्लेमिंग और सी-टैक के मेयर मोहम्मद एगल शामिल हैं।

इसके अलावा, ड्यूपॉन्ट के काउंसिल सदस्य जुगल ठाकोर, यूनिवर्सिटी प्लेस की कार्यवाहक मेयर डेनिस मैकक्लस्की, केंट के काउंसिल सदस्य टोनी ट्राउटनर और केंट के आर्थिक विकास निदेशक कर्ट हैनसन भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। इस यात्रा में स्थानीय प्रशासन और आर्थिक विकास से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी इसे महत्वपूर्ण बनाती है।

सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी पर फोकस

प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत और वाशिंगटन राज्य के बीच मजबूत संबंध विकसित करना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशना है। नई दिल्ली, भुवनेश्वर और मुंबई जैसे शहरों का चयन भारत के अलग-अलग प्रशासनिक, आर्थिक और शहरी परिवेश को समझने का अवसर प्रदान कर सकता है।

भारत के महावाणिज्य दूतावास ने प्रतिनिधिमंडल की सफल और सार्थक यात्रा की कामना की है। उम्मीद जताई गई है कि इस दौरे से दोनों पक्षों के बीच संवाद बढ़ेगा और भविष्य में दीर्घकालिक साझेदारी के नए रास्ते खुलेंगे।

यह पहल भारत-अमेरिका संबंधों में स्थानीय निकायों की भूमिका को भी रेखांकित करती है। शहरों के नेतृत्व के बीच सीधे संपर्क से प्रशासनिक अनुभव साझा करने, आर्थिक विकास और आपसी समझ को बढ़ावा देने के अवसर मिल सकते हैं।