Houthis capture Mayun Island, raising tensions in the Red Sea

यमन: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर तनाव और बढ़ गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में स्थित मायून (पेरिम) द्वीप पर नियंत्रण करने की पुष्टि की है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूती अधिकारियों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

मायून एक छोटा और बंजर ज्वालामुखीय द्वीप है, जो लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। यहां हूतियों का नियंत्रण स्थापित होना क्षेत्र के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ा सकता है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

इस बीच, सऊदी अरब ने अपनी एक महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन को एहतियाती तौर पर बंद करने की जानकारी दी है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, पाइपलाइन पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके लिए इराक से आए ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया गया। सऊदी अरब ने फिलहाल जवाबी कार्रवाई नहीं करने की बात कही है और इराकी सरकार को आवश्यक कदम उठाने का अवसर देने की बात कही है।

इराक सरकार ने हमले की निंदा करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, ईरान समर्थित मिलिशिया और हूती नेटवर्क के बीच सहयोग की भी आशंका जताई जा रही है।

मायून द्वीप पर हूतियों का नियंत्रण ऐसे समय में सामने आया है, जब क्षेत्र में समुद्री मार्गों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर चिंता बनी हुई है।