
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक बड़े शांति समझौते की तैयारी का दावा किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि प्रस्तावित समझौता केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पूरे यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया जा सकता है। ट्रंप ने इसे एक व्यापक और महत्वपूर्ण समझौता बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे सभी पक्ष संतुष्ट होंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि एक बड़ा समझौता होने जा रहा है, जिसमें केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि इससे कहीं अधिक मुद्दे शामिल होंगे। उन्होंने यहां तक संकेत दिया कि इस समझौते का दायरा पूरे यूरोप तक विस्तारित हो सकता है। उनके मुताबिक, यह एक शानदार समझौता होगा, जिससे सभी को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस बीच, रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तीनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच 10 और 11 नवंबर को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में बातचीत होने वाली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हो सकते हैं।
वार्ता से पहले अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर ने अमेरिका की शांति रणनीति का खाका भी पेश किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे व्यावहारिक और आपसी सहमति से तय किए गए उपायों पर काम करना चाहता है, जिनसे भविष्य में संघर्ष की आशंका कम की जा सके और क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता तैयार हो।
अमेरिकी शांति योजना के प्रमुख पहलुओं में यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करना और यूरोप के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना शामिल है। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी सैन्य टकराव को रोकने के लिए मजबूत ढांचा तैयार करना है।
हालांकि, प्रस्तावित समझौते की शर्तों और रूस तथा यूक्रेन की सहमति को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अबू धाबी में होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता को इस दिशा में अहम कूटनीतिक पहल माना जा रहा है। इस बातचीत के परिणाम से यूरोप की सुरक्षा और रूस-यूक्रेन संघर्ष के भविष्य की दिशा तय हो सकती है।






