मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने निदेशक प्रो. शिरीष बी. केदारे के इस्तीफे की खबरों को खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया है। संस्थान की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रो. केदारे ने निदेशक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। IIT बॉम्बे की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें वर्तमान निदेशक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
यह स्पष्टीकरण पवई परिसर में छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के बाद लगातार तीन दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच आया है। छात्रों ने घटना की स्वतंत्र जांच समेत 18 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन के सामने अपनी बात रखी थी।
रविवार देर रात छात्रों के साथ बैठक के दौरान प्रो. केदारे ने छात्रों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर हस्ताक्षर किए और प्रशासन की ओर से मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया। इनमें स्वतंत्र जांच, अनुशासनात्मक प्रक्रिया में बदलाव, छात्र प्रतिनिधित्व बढ़ाने तथा मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग सेवाओं को मजबूत करने जैसी मांगें शामिल हैं।
इस्तीफे से जुड़ी खबरें उस समय सामने आईं, जब कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि छात्रों के साथ बैठक के दौरान निदेशक ने पद छोड़ने की बात कही थी। हालांकि, बाद में IIT बॉम्बे की ओर से स्पष्ट किया गया कि निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है। दूसरी ओर, एक रिपोर्ट के अनुसार प्रो. केदारे ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा था कि वह इस्तीफा देंगे, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा और बोर्ड की बैठक के बाद निर्णय की जानकारी दी जाएगी।
इसी बीच IIT बॉम्बे ने छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों को लेकर अपने पूर्व बयान पर माफी मांगी है। संस्थान ने कहा कि संबंधित घटनाओं और परिस्थितियों की जांच जारी है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष या राय पर पहुंचना उचित नहीं था।
संस्थान ने प्रो. सूर्यनारायण डूला की डीनशिप भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। डूला उस परीक्षा में निरीक्षक की भूमिका में थे, जिसमें वाकोडे के मोबाइल फोन के इस्तेमाल का मामला सामने आया था। वाकोडे के परिवार ने पुलिस में शिकायत देकर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
IIT बॉम्बे के अनुसार, वाकोडे के खिलाफ परीक्षा में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और फैकल्टी सदस्यों ने उनकी काउंसलिंग की थी। हालांकि, छात्रों ने प्रशासन के इस मामले से निपटने के तरीके पर सवाल उठाते हुए अधिक पारदर्शी जांच की मांग की है।
प्रो. शिरीष केदारे ने 6 मई 2024 को IIT बॉम्बे के निदेशक का पद संभाला था। वह ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग में प्रोफेसर हैं।







