पहले सिटी चैप्टर में जुटे पूर्व छात्र, उद्योगपति और प्रबंधन विशेषज्ञ
शैक्षणिक उपलब्धियों, रोजगार अवसरों और उद्योग से जुड़ाव पर हुआ मंथन
कोलकाता/संवाददाता। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नागपुर ने अपने पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कोलकाता में अपना पहला सिटी चैप्टर कार्यक्रम आयोजित किया। शनिवार शाम नोवोटेल होटल में आयोजित कार्यक्रम में आईआईएम नागपुर के पूर्व छात्रों के साथ सूचना प्रौद्योगिकी, बैंकिंग, उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा और प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, उद्योग जगत से जुड़ाव और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रोजगार एवं करियर अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में आईआईएम नागपुर के डीन प्रो. प्रशांत गुप्ता और सीडीएस डॉ. शैलेन्द्र निगम ने नागपुर से पहुंचकर सहभागिता की। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक यात्रा, कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों को उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्रों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और उनके बीच व्यावसायिक संवाद को बढ़ावा देना रहा।
कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में आईबीएम, टीसीएस, एक्सेंचर और कॉग्निजेंट जैसी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों के अलावा बंधन बैंक, श्याम स्टील मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड, अपोलो अस्पताल, जेके फेनर, आशीर्वाद नर्सिंग होम और टाइम्सप्रो सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चिकित्सा, प्रशासन, उद्योग और शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। आईआईएम रांची के एक प्रोफेसर की उपस्थिति भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।
बिहार से श्याम स्टील कंपनी के क्षेत्रीय प्रमुख श्री गौतम कुमार ने भी कार्यक्रम में विशेष रूप से हिस्सा लिया। उन्होंने उद्योग जगत में नेतृत्व क्षमता, टीम प्रबंधन, बाजार की बदलती चुनौतियों और व्यावहारिक प्रबंधन अनुभवों के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उद्योग की वास्तविक परिस्थितियों और प्रबंधन शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल को विद्यार्थियों के व्यावसायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान आईआईएम नागपुर के पूर्व छात्रों ने भी अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने संस्थान में अध्ययन के दौरान प्राप्त अनुभवों और पेशेवर जीवन में उनके उपयोग पर चर्चा की। पूर्व छात्रों के बीच संवाद से नए व्यावसायिक संपर्क विकसित करने तथा अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिला।
इस अवसर पर आईआईएम नागपुर की उपलब्धियों और विद्यार्थियों के रोजगार परिणामों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में संस्थान के विद्यार्थियों को अधिकतम 73.17 लाख रुपये का वेतन पैकेज प्राप्त हुआ। संस्थान की शैक्षणिक प्रगति और विद्यार्थियों के लिए विकसित हो रहे करियर अवसरों को लेकर भी उद्योग प्रतिनिधियों और पूर्व छात्रों ने विचार साझा किए।
कोलकाता में आयोजित आईआईएम नागपुर का यह पहला सिटी चैप्टर कार्यक्रम संस्थान के पूर्व छात्रों, उद्योग जगत और शिक्षाविदों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम में हुए संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान से संस्थान तथा उसके पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का अवसर मिला।







