वाशिंगटन: अमेरिका ने टेक्सास में रह रही 47 वर्षीय अफगान महिला नजीरा हाजी जादा को पहली बार ‘एलियन टेररिस्ट रिमूवल कोर्ट’ के जरिए अफगानिस्तान निर्वासित किया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यह अदालत 1996 में बनाई गई थी, लेकिन जुलाई 2026 में नजीरा के मामले से पहले इसका कभी इस्तेमाल नहीं हुआ था।
नजीरा हाजी जादा अमेरिका की कानूनी स्थायी निवासी थीं और फोर्ट वर्थ, टेक्सास में रहती थीं। उन पर किसी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने उन पर इस्लामिक स्टेट से प्रेरित 2024 के चुनाव-दिवस पर बड़े पैमाने पर गोलीबारी की साजिश में अपने बेटे और दामाद का समर्थन करने का आरोप लगाया था। दोनों को इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, नजीरा ने खुद को ‘विदेशी आतंकवादी’ मानने पर सहमति जताई और निर्वासन आदेश के खिलाफ अपील का अधिकार छोड़ दिया। इसके बाद उन्हें अफगानिस्तान भेज दिया गया। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून के शासन की जीत बताया।
नजीरा के वकीलों ने हालांकि अदालत की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गोपनीय सबूतों तक पर्याप्त पहुंच नहीं मिलने से उनके मुवक्किल के उचित कानूनी प्रक्रिया के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हुए। यह अदालत ऐसे मामलों में वर्गीकृत जानकारी के इस्तेमाल की अनुमति देती है, जब सरकार का दावा हो कि उसे सार्वजनिक करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।








