नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अग्निवीरों को चार साल की प्रारंभिक सेवा के बाद दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा अवसर देने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की इस मंजूरी का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्वागत किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी ने इसे युवाओं और भारतीय सेना को मजबूत बनाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।
अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों के लिए ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी देकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से युवाओं को देश की सेवा करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा और सेना की क्षमता भी मजबूत होगी। उनका कहना था कि सशक्त युवा और सशक्त सेना ही सुरक्षित भारत की आधारशिला हैं।
बलूनी के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत अग्निपथ योजना में चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 75 प्रतिशत को स्वैच्छिक आधार पर निर्धारित चयन प्रक्रिया के जरिए दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इस तरह चयनित अग्निवीर कुल छह वर्षों तक देश की रक्षा में योगदान दे सकेंगे।
हालांकि, योजना के तहत पहले से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार 25 प्रतिशत योग्य और इच्छुक अग्निवीरों को चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैन्य कैडर में शामिल होने का अवसर मिलता रहेगा। वहीं, अतिरिक्त दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को भी निर्धारित पात्रता और चयन मानदंडों के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे कार्यकाल के दौरान अग्निवीरों को पहले वर्ष 43,500 रुपये और दूसरे वर्ष 47,500 रुपये प्रतिमाह निश्चित वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें लागू भत्तों का लाभ भी मिलेगा। इस अवधि में सेवा निधि के लिए सरकार का योगदान बढ़ाकर मासिक वेतन पैकेज का 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दो वर्ष का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने पर अग्निवीरों को ब्याज को छोड़कर 10.92 लाख रुपये की सेवा निधि मिलेगी, जो आयकर से मुक्त होगी।
बलूनी ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इससे युवाओं को सेना में लंबे समय तक सेवा देने और अपना भविष्य बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।







