चंडीगढ़: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में माय भारत चंडीगढ़ की ओर से आयोजित सप्ताहव्यापी वंदे मातरम् शिविर का समापन हो गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और पंजाब विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करना था।
समापन समारोह में चंडीगढ़ के वरिष्ठ उप महापौर जस्मनप्रीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान माय भारत चंडीगढ़ के जिला युवा अधिकारी विनय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों और युवाओं की भागीदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जस्मनप्रीत सिंह ने शिविर में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर के दौरान युवाओं ने जो मूल्य और सीख हासिल की है, उन्हें अपने दैनिक जीवन में भी अपनाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील करते हुए कहा कि देश और समाज के विकास में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
वहीं, माय भारत चंडीगढ़ के यूटी निदेशक शिवधन शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को इन मूल्यों को अपने व्यवहार और कार्यों में शामिल करना चाहिए।
समारोह के दौरान सप्ताहभर चले शिविर को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे युवाओं का उत्साह बढ़ा और उनके प्रयासों को पहचान मिली।
कार्यक्रम का समापन लेखा एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक हरि प्रकाश के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस शिविर के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय मूल्यों, सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया।







