कीव: यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में रूसी सेना के हवाई हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई। हमले में एक ऐसे स्कूल को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल मानवीय सहायता वितरण केंद्र और आश्रय स्थल के रूप में किया जा रहा था। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि लगभग 50 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जापोरिज्जिया क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के कार्यवाहक प्रमुख मिखाइलो सेमिकिन ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर बताया कि हमले में पांच लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव अभियान के दौरान भी रूसी सेना की ओर से दूसरा हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें बचाव दल के दो सदस्यों और चार पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई। इसके अलावा बचाव दल के दो अन्य सदस्य घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने वीडियो संबोधन में बताया कि रूसी सेना ने सबसे पहले स्कूल पर हवाई बम गिराए। इस स्कूल में नियमित कक्षाएं नहीं चलती थीं, बल्कि प्रत्येक सोमवार को स्थानीय लोगों के बीच मानवीय सहायता सामग्री वितरित की जाती थी। अग्रिम मोर्चे के नजदीक होने के कारण इसका इस्तेमाल आश्रय स्थल के तौर पर भी किया जा रहा था।
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी सेना को इस बात की जानकारी थी कि गांव के लोग हर सप्ताह सहायता सामग्री लेने के लिए स्कूल में एकत्र होते हैं। उन्होंने इस हमले को मानवीय सहायता केंद्र पर किया गया हमला बताते हुए इसकी निंदा की।
वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमले को लेकर अलग दावा किया है। मंत्रालय के अनुसार, जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा और दो अन्य बस्तियों के आसपास तैनात यूक्रेनी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। रूस ने दावा किया कि इस कार्रवाई में यूक्रेन के 25 सैनिक मारे गए तथा 15 सैन्य वाहन और एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली नष्ट कर दी गई।
इस बीच, स्थानीय पुलिस और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में घटनास्थल पर भारी तबाही और मलबा दिखाई दे रहा है। यह हमला पड़ोसी खेरसॉन क्षेत्र में लागू छह दिवसीय स्थानीय युद्धविराम समाप्त होने के एक दिन बाद हुआ है।







