विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ की होगी अहम भूमिका: मनसुख मांडविया
Chhattisgarh will play an important role in achieving the goal of Developed India-2047: Mansukh Mandaviya

रायपुर: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य के प्राकृतिक संसाधन, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक संभावनाएं देश की विकास यात्रा को गति देने में सहायक होंगी। उन्होंने रविवार देर रात नवा रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।

केंद्रीय मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा देकर उन्होंने प्रदेश के विकास की नींव रखी थी।

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मांडविया ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बुनियादी सुविधाओं, औद्योगिक निवेश, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के लिए काम कर रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं को प्रदेश की विशिष्ट पहचान बताया। साथ ही कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के अलावा खेल, पर्यटन, संस्कृति और विकास की संभावनाओं के लिए भी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राज्य सरकार बस्तर के दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1,600 पक्के मकानों का निर्माण हो रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीद 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता भी दी जा रही है। वहीं, श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि वर्तमान में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 21 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।

समारोह में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पंडवानी, पंथी और ददरिया जैसी लोककलाओं के संरक्षण की बात कही। उन्होंने बताया कि दिवंगत पंडवानी गायिका तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण शुरू किया गया है। उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, राजिम और मैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों के विकास को रोजगार के नए अवसरों से भी जोड़ा।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।