तिरुवनंतपुरम। केरलम में 3 और 4 नवंबर को संसद तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लोक लेखा समितियों (पीएसी) के अध्यक्षों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में देशभर की लोक लेखा समितियों के अध्यक्ष शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत बनाने के साथ लोक लेखा समितियों की बदलती भूमिका पर विचार-विमर्श करना है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे केरल विधानसभा परिसर स्थित आर. शंकरनारायणन थंपी मेंबर्स लाउंज में सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष के अलावा राज्यसभा के उपसभापति, संसदीय लोक लेखा समिति के अध्यक्ष, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, केरल विधानसभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं की लोक लेखा समितियों के अध्यक्ष मौजूद रहेंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय ‘लेखा परीक्षा, जवाबदेही एवं सुशासन – लोक लेखा समिति की उभरती भूमिका’ रखा गया है। इस विषय के तहत विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। इसमें सरकारी खर्चों की निगरानी, सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग, वित्तीय अनुशासन और सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में लोक लेखा समितियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि अपने अनुभव और सुझाव भी साझा करेंगे। इसके माध्यम से लोक लेखा समितियों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी जवाबदेही को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन का समापन 4 नवंबर को पूर्वाह्न 11:45 बजे होगा। समापन सत्र को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संबोधित करेंगे। इसके साथ ही केरल विधानसभा के अध्यक्ष और संसद की लोक लेखा समिति के सभापति भी अपने विचार रखेंगे।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन को देश में वित्तीय जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।







