लखनऊ/कानपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर नगर के बिठूर में 411 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं से बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया, जो सदियों से समाज का मार्गदर्शन कर रहा है।
सामाजिक समरसता पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर आधारित है। प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है।
उन्होंने युवाओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और किसी भी प्रकार के भेदभाव से दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में ऊंच-नीच की भावना समाप्त होने पर ही वास्तविक सामाजिक समरसता स्थापित हो सकती है।
लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट का शुभारंभ
बिठूर में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट का शुभारंभ भी करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य तकनीकी नवाचार, निवेश और कौशल आधारित रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वैश्विक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापनों से तकनीकी अनुसंधान, नवाचार और उच्च कौशल वाले रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को प्रदेश में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराना है।
तकनीक और निवेश से विकास को गति
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिजिटल बुनियादी ढांचे और निवेशोन्मुख नीतियों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है और उत्तर प्रदेश भी तकनीकी विकास में अपनी भागीदारी बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की परिकल्पना सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा, कौशल और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर आधारित है। सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाएं बढ़ाना है।







