खरगे की टिप्पणी पर भड़के CM साय, सार्वजनिक माफी की मांग
CM Sai fumes over Kharge's remarks, demands a public apology

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री ने बयान को राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज होने के संकेत हैं।

‘राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान कांग्रेस के नेता भाषा की मर्यादा और भारतीय संस्कारों की सीमाओं का उल्लंघन कर रहे हैं।

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साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते हुए उनके दिवंगत पिता को निशाना बनाना निंदनीय है। उनके अनुसार, इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां कांग्रेस की राजनीतिक सोच को उजागर करती हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक द्वेष के कारण विरोध की मर्यादा भूल रही है। उन्होंने कहा कि जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।

पटना के कार्यक्रम में दिया गया था बयान

यह विवाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम का आयोजन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर किया गया था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभा को संबोधित किया था।

अपने संबोधन में खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर बयान दिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

भाजपा ने जताया विरोध

कार्यक्रम के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आईं। बयान से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद भाजपा नेताओं ने खरगे की टिप्पणी को अमर्यादित बताते हुए विरोध जताया।

मुख्यमंत्री साय ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से देश के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। विवाद ने राजनीतिक बहस में नेताओं की भाषा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।