पन्ना। दीपावली के पर्व पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक सराहनीय पहल की जा रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वसहायता समूह की महिलाएं गोबर और मिट्टी से पारंपरिक दीपक तैयार कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को प्रोत्साहित करना है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी के मार्गदर्शन में जिले में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पन्ना विकासखंड के ग्राम रक्सेहा स्थित वैष्णव माता स्वसहायता समूह की महिलाएं गोबर और गौ काष्ठ से दीपक बनाने में जुटी हैं। समूह की सदस्य पुष्पा मंडल, मीना दास सहित अन्य महिलाएं इस कार्य के माध्यम से अपनी आजीविका को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही हैं।
जिला परियोजना प्रबंधक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि ग्राम संगठन रक्सेहा की अध्यक्ष ऊषा सरकार के प्रोत्साहन और सहयोग से महिलाएं दीपक निर्माण का कार्य कर रही हैं। समूह द्वारा तैयार किए जा रहे दीपकों को दीपावली के अवसर पर बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने और उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
दीपावली पर घरों, आंगनों और प्रतिष्ठानों को दीपकों से सजाने की परंपरा सदियों पुरानी है। ऐसे में गोबर और मिट्टी से तैयार किए जा रहे दीपक पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण के अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। स्थानीय स्तर पर इनका निर्माण ग्रामीण महिलाओं के हुनर को पहचान देने और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करने में भी सहायक होगा।
इस पहल को सफल बनाने में आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक (लघु उद्यमिता विकास) ओमप्रकाश सोनी, विकासखंड प्रबंधक विवेक कुमार मिश्रा और क्लस्टर प्रभारी शीतल द्विवेदी का भी योगदान है। यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में आगे बढ़ने का सकारात्मक उदाहरण है।







