भिण्ड में सरकारी स्कूलों की निगरानी के लिए बनेगा सेंटर
A center will be set up in Bhind to monitor government schools.

भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग एक्सीलेंस मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित करने जा रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में तैयार होने वाले इस सेंटर के माध्यम से स्कूलों में पढ़ाई, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पाठ्यक्रम की प्रगति पर नियमित नजर रखी जाएगी। विभाग की योजना इसे जल्द शुरू करने की है।

नई व्यवस्था के तहत स्कूलों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े टास्क दिए जाएंगे। इनके आधार पर यह समीक्षा की जाएगी कि पाठ्यक्रम कितना पूरा हुआ है और विद्यार्थियों की पढ़ाई में कितनी प्रगति हुई है। जरूरत पड़ने पर शिक्षकों से ऑनलाइन माध्यम से जानकारी भी मांगी जाएगी। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

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स्कूलवार होगी शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा

एक्सीलेंस मॉनिटरिंग सेंटर के माध्यम से स्कूलों की शैक्षणिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, पाठ्यक्रम पूरा कराने और परीक्षा परिणाम सुधारने पर विशेष ध्यान रहेगा। कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को चिह्नित कर सुधार की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही प्राचार्यों और शिक्षकों की जिम्मेदारियां तय करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि पढ़ाई से जुड़े कार्यों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

सेंटर में शिक्षा विभाग के वर्तमान कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जाएंगी। टीम ब्लॉक स्तर से स्कूलों की जानकारी एकत्र कर उसका विश्लेषण करेगी। दूसरे विभागों में संबद्ध ऐसे कर्मचारियों और शिक्षकों की सेवाएं भी सप्ताह में एक या दो दिन लेने की योजना है, जिनके पास अपेक्षाकृत कम काम है।

पहले कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल जुड़ेंगे

भिण्ड जिले में करीब 2,400 सरकारी स्कूल हैं। इनमें 163 हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालय शामिल हैं। शुरुआत कक्षा नौवीं से 12वीं तक के स्कूलों से की जाएगी। बाद में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यालयों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

विभाग सांदीपनि और शासकीय उत्कृष्ट विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए पालक-शिक्षक संघों को सक्रिय कर पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी सुधांशु द्विवेदी के अनुसार, एक्सीलेंस मॉनिटरिंग सेंटर शुरू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर करना और विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।