बाकू। ईरान ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव, प्रतिबंधों और हमलों के बावजूद उसकी परमाणु उद्योग से जुड़ी गतिविधियां बंद नहीं हुई हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति और परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि संगठन देश के विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में अपना काम लगातार जारी रखे हुए है।
तेहरान में बाल कैंसर के निदान एवं उपचार केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर इस्लामी ने कहा कि ईरान के परमाणु उद्योग पर लगातार दबाव और प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं तथा विभिन्न तरह की धमकियों और हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद देश अपने विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में सफल रहा है।
उन्होंने कहा कि एईओआई के लिए स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सुरक्षा रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल हैं। संगठन परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग के माध्यम से चिकित्सा और कृषि क्षेत्र में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इस्लामी के मुताबिक, ईरान के खिलाफ लगाए जा रहे कई आरोप वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करते। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद परमाणु उद्योग से जुड़े कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
इस्लामी ने बताया कि ईरान के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के साथ हुए समझौते के तहत फिलहाल 78 प्रकार के उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि 20 से अधिक अन्य उत्पाद अनुसंधान एवं विकास के चरण में हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान उपचार के क्षेत्र में अल्फा-उत्सर्जक रेडियोफार्मास्यूटिकल्स विकसित करने वाले शुरुआती देशों में शामिल है।
एईओआई प्रमुख ने खाद्य और कृषि क्षेत्र में परमाणु तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान में हर साल करीब 13 करोड़ टन कृषि उत्पादन होता है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद हो जाता है। कीटों और बीमारियों के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के लिए विकिरण तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में ईरान में चार गामा विकिरण केंद्र संचालित थे। इनकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है और चालू ईरानी वर्ष के अंत तक यह संख्या 20 तक पहुंचने की उम्मीद है। इन केंद्रों में खाद्य उत्पादों से विषैले पदार्थों और दूषित तत्वों को हटाने तथा उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विकिरण तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।







