प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जीरो रोड के पास दुर्गा प्रतिमाएं तैयार कर रहे बंगाल के कुछ मूर्तिकार कथित तौर पर कई दुर्गा पूजा समितियों से मूर्ति बनाने का ऑर्डर और अग्रिम राशि लेने के बाद मौके से चले गए। जब पूजा समितियों के सदस्य अपनी प्रतिमाओं की स्थिति देखने पहुंचे तो वहां मूर्तिकार नहीं मिले और कई प्रतिमाएं अधूरी पड़ी मिलीं। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
घटना सामने आने के बाद दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों में चिंता बढ़ गई है। पूजा शुरू होने में कुछ ही दिन शेष रहने के कारण समितियों के सामने अब समय पर प्रतिमा तैयार कराने की चुनौती खड़ी हो गई है। समितियों का कहना है कि प्रतिमाओं के लिए पहले ही अग्रिम राशि दी जा चुकी थी और उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित समय तक प्रतिमाएं तैयार हो जाएंगी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब समिति के सदस्य प्रतिमाओं को देखने के लिए जीरो रोड के पास पहुंचे तो संबंधित मूर्तिकार वहां मौजूद नहीं थे। मौके पर कई प्रतिमाएं अधूरी अवस्था में मिलीं। इसके बाद लोगों ने पुलिस की आपात सेवा नंबर 112 पर सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के साथ जांच शुरू की।
लूकरगंज दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने प्रतिमा तैयार कराने के लिए करीब 30 हजार रुपये अग्रिम दिए थे। समिति पिछले करीब 15 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन करती आ रही है। सदस्यों का कहना है कि इस बार मूर्तिकार के कथित रूप से चले जाने के कारण पूजा आयोजन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
समिति के सदस्यों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि दुर्गा पूजा शुरू होने में बहुत कम समय बचा है। ऐसे में नई प्रतिमा का इंतजाम करना और उसे निर्धारित समय में तैयार कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भक्तों और आयोजकों में इस घटना को लेकर मायूसी है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। समितियों को उम्मीद है कि मामले में जल्द कार्रवाई होगी और उनकी प्रतिमाओं को तैयार कराने अथवा वैकल्पिक व्यवस्था करने में मदद मिल सकेगी। पूजा समितियां अब प्रशासन से आवश्यक सहयोग की अपेक्षा कर रही हैं, ताकि धार्मिक आयोजन प्रभावित न हो।







