सीएम सम्राट चौधरी ने जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि दी
CM Samrat Chaudhary paid tribute to Jayaprakash Narayan.

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके राष्ट्र तथा समाज के प्रति योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र, जनहित और सामाजिक परिवर्तन के लिए जयप्रकाश नारायण का संघर्ष और समर्पण देशवासियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि जयप्रकाश नारायण स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण सेनानी होने के साथ-साथ लोकतंत्र और सामाजिक परिवर्तन के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने अपना जीवन देश और समाज के हित में समर्पित कर दिया। उनके विचार, संघर्ष और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

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सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का राष्ट्र के प्रति योगदान भारतीय इतिहास में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया और देश की आजादी के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद भी उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक जीवन में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

जयप्रकाश नारायण को विशेष रूप से उनके ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन के लिए याद किया जाता है। उन्होंने बिहार से संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया था, जिसका उद्देश्य व्यवस्था में व्यापक सामाजिक और राजनीतिक बदलाव लाना था। इस आंदोलन ने देश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित किया और जयप्रकाश नारायण को जनआंदोलन के प्रमुख नेताओं में स्थापित किया।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म बिहार के सिताबदियारा में हुआ था। वे समाजवादी चिंतक और गांधीवादी विचारों से प्रभावित नेता के रूप में भी जाने जाते हैं। स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के अलावा उन्होंने समाज में समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनभागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयप्रकाश नारायण की विचारधारा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक बनी रहेगी। उनके संघर्ष और योगदान को स्मरण करते हुए बिहार और देश के लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

लोकनायक की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री का यह संदेश उनके स्वतंत्रता संग्राम, लोकतंत्र और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में योगदान को याद करने के अवसर के रूप में सामने आया।